

ममता चौहान जिला संवाददाता हरिद्वार उत्तराखंड
मां अन्नपूर्णा धाम ट्रस्ट हरिद्वार संस्थापिका माता देवी कांतानंद जी परमहंस( परम शिष्या वीतराग सदगुरु देव ब्रह्मलीन 1008 श्री स्वामी अजरानंद जी महाराज) की पूज्य चरण कर्म योगी संत माता देवी कांतानंद जी परमहंस कृष्ण पक्ष दिन शनिवार की एकादशी 15 नवंबर 2025 को अपने नश्वर शरीर को त्याग कर ब्रह्मलीन हो गई थी जिनके पार्थिव शरीर को दिनांक 16 नवंबर 2025 को समाधि दी गई ।आज 30 नवंबर 2025 को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन 13 नंबर ठोकर सप्त सरोवर हरिद्वार उत्तराखंड में किया गया ।जिसमें हवन और श्रद्धांजलि सभा के पश्चात षोडसी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत समस्त ट्रस्टीगण और सेवकगन उपस्थित रहे। संत समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष योगदान समाज में रहता है ।धर्म और अधर्म के बीच की जो समझ है खाई है उसे समझने का और उचित और अनुचित का ज्ञान कराने का काम संत समाज के द्वारा ही होता है तथा आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण संतो के संपर्क और आगमन से ही बनता है। संत समाज की आधारशिला है।










